Puliyabaazi Hindi Podcast Podcast

Puliyabaazi Hindi Podcast

A News, Politics and Technology podcast
 3 people rated this podcast

Best Episodes of Puliyabaazi Hindi Podcast

Mark All
Search Episodes...
Ep. 29: अम्बेडकर के जातिप्रथा पर विचार: भाग २
पूरे भारत ने अपना सत्तरवाँ गणतंत्र दिवस पिछले हफ़्ते मनाया और अंबेडकर के योगदान को फिर एक बार याद किया | पर अंबेडकर साहब जैसे बुद्धिजीवी को सम्मान देने का शायद सबसे प्रभावशाली तरीका है उनके विचारों को समझना | अब उनको पुलियाबाज़ी में ला पाना तो संभव नहीं है इसलिए इस बार हमने प्रयत्न किया उनके कुछ लेख पढ़ने का और उनके तर्क को आपके सामने रखने का | इस दो भाग स्पेशल में हमने विश्लेषण किया अंबेडकर के जातिप्रथा पर कुछ विचारों का | भाग 2 में में सुनिए चर्चा उनके सबसे प्रसिद्ध लेख - Annihilation of Caste - पर | अंबेडकर ने यह भाषण 1936 में लाहौर के जात-पात तोड़क मंडल के लिए तैयार किया था पर यह लेख इतना धमाकेदार था कि मंडल ने इसे प्रकाशित करने से मना कर दिया | अंत में अंबेडकर ने खुद इसे प्रकाशित किया | जातिप्रथा का उन्मूलन क्यूँ और कैसे किया जाए - यह लेख इन सवालों पर केंद्रित है | यह लेख इतना प्रसिद्ध हुआ कि गांधीजी ने भी इस पर अपने विचार रखे और अपनी असहमति के कारण समझाए | इस एपिसोड में हमने इस बेहद ज़रूरी वाद-विवाद पर चर्चा की है | सुनिए और बताइए कैसा लगा आपको| साथ ही इस सीरीज़ के भाग १ में हमारी चर्चा सुनिए उनकी किताब The Untouchables पर | If you have any comments or questions please write to us at puliyabaazi@gmail.com Follow us on: Twitter: https://twitter.com/puliyabaazi Facebook: https://www.facebook.com/puliyabaazi Instagram: https://www.instagram.com/puliyabaazi/ Subscribe & listen to the podcast on iTunes, Google Podcasts, Castbox, AudioBoom, YouTube or any other podcast app. You can listen to this show and other awesome shows on the new and improved IVM Podcast App on Android: https://ivm.today/android or iOS: https://ivm.today/ios
Ep. 22: Arthashashtra Part 1: साम, दाम, भेद, दंड से परे
Real estate से लेकर business advice तक, कौटिल्य नीति को बिना सिर पैर उपयोग करने की होड़ लगी है आजकल | अर्थशास्त्र को ignore करना तो ग़लत है ही, पर उसे ग़लत समझना और भी हानिकारक है | तो कौटिल्य अर्थशास्त्र से जुड़ी कई ग़लतफ़हमियों को ठीक करने के लिए हमने की पुलियाबाज़ी कजरी कमल से जो कि ‘अर्थशास्त्र और Indian Strategic Culture’ पर PhD कर रही हैं हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय से | कजरी तक्षशिला इंस्टीटूशन के Graduate certificate in Strategic Studies में ‘अर्थशास्त्र और भारतीय विदेश नीति’ course पढ़ाती है | यह पुलियाबाज़ी दो भागों में है | पहले भाग में सुनिए चर्चा अर्थशास्त्र के उद्देश्य और मूलतत्वों पर | दुसरे एपिसोड में सुनिए कि चाणक्य विदेश नीति के बारे में क्या सिखाते है |
Ep. 23: Arthashashtra Part 2: Foreign Policy कैसी होनी चाहिए?
Real estate से लेकर business advice तक, कौटिल्य नीति को बिना सिर पैर उपयोग करने की होड़ लगी है आजकल | अर्थशास्त्र को ignore करना तो ग़लत है ही, पर उसे ग़लत समझना और भी हानिकारक है | तो कौटिल्य अर्थशास्त्र से जुड़ी कई ग़लतफ़हमियों को ठीक करने के लिए हमने की पुलियाबाज़ी कजरी कमल से जो कि ‘अर्थशास्त्र और Indian Strategic Culture’ पर PhD कर रही हैं हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय से | कजरी तक्षशिला इंस्टीटूशन के Graduate certificate in Strategic Studies में ‘अर्थशास्त्र और भारतीय विदेश नीति’ course पढ़ाती है | यह पुलियाबाज़ी दो भागों में है | पहले भाग में सुनिए चर्चा अर्थशास्त्र के उद्देश्य और मूलतत्वों पर | दूसरे एपिसोड में सुनिए कि चाणक्य विदेश नीति के बारे में क्या सिखाते है |
Ep. 01: Yeh Ai Ai Kya Hai?
What’s the big deal about Artificial Intelligence? How is it going to change our world? Two engineering geeks set out to explain it all in simple language. This is episode 1 of PuliyaBaazi, a new podcast hosted by Pranay Kotasthane and Saurabh Chandra. You can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcast App on Android: https://goo.gl/tGYdU1 or iOS: https://goo.gl/sZSTU5 You can check out our website at http://www.ivmpodcasts.com/
Ep. 38: रन-नीति : क्रिकेट में डेटा क्रांति
क्रिकेट एक ऐसा विषय है जिसमे हम सभी ज्ञानी है | लेकिन क्या आपको पता था कि डेटा साइंस के प्रयोग से क्रिकेट के स्तर में निरंतर सुधार आ रहा है ? डेटा एनालिसिस टीमों का एक अभिन्न अंग बन चुका है यहाँ तक कि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने तो अब एक चीफ डेटा अफसर भी नियुक्त किया है | तो इस एपिसोड में हमने क्रिकेट के इस नए पहलू पर पुलियाबाज़ी की कार्तिक शशिधर से | कार्तिक एक मैनेजमेंट कंसलटेंट है, एक ब्लॉगर है, और क्रिकेट डेटा के एक शानदार न्यूज़लेटर Criconometrics के रचयिता भी है | इस एपिसोड में हमने क्रिकेट से जुड़े कई विषयों पर गहरी चर्चा की | जैसे कि: सट्टे पर बैन लगने से कैसे मैच फिक्सिंग को बढ़ावा मिला ? आईपीएल से क्रिकेट के स्तर में क्या बदलाव आए है ? किस प्रकार डेटा का प्रयोग कर आईपीएल में मुंबई इंडियंस ने चेन्नई सुपर किंग्स के ख़िलाफ़ जयंत यादव को उतारा? ODI मे औसतन स्कोर किस तरह से बदले है ? अगले कुछ साल में क्रिकेट में क्या बदलाव अपेक्षित है? Behind the scenes, data science is changing the way cricket gets played. Many teams now have data analysts in their dugouts who contribute to game strategies. In a sense, cricket is witnessing the Moneyball revolution that had a path breaking impact on Baseball. So in view of the 2019 ICC World Cup, we got together to discuss this role of data science and economics in cricket. Our guest is Karthik Shashidhar, a management consultant, uber-blogger, and an author. Karthik is also the creator of two newsletters: Criconometrics analyses cricket from the lens of data and analytics while The Art of Data Science talks about quant and business intelligence. In this wide-ranging puliyabaazi on cricket and cricketing skills, we discussed: How making betting illegal leads to match fixing How a discrete sport like cricket is primed for data analytics How data analysis helped Mumbai Indians pick Jayant Yadav against Chennai Super Kings in the recently concluded IPL Impact of T20 on the economics of cricket How have average ODI scores increased over the last twenty years? Why is India a cricketing powerhouse? Can batsmen be classified into meaningful categories based on their style of gameplay? How the fortune of leg-spin change in the last ten years of the game, and What is in store for cricket in the next ten years? Also check out: - Criconometrics, a newsletter that analyses cricket from the lens of data and analytics The Art of Data Science, a newsletter about quant and business intelligence Moneyball — The Art of Winning an Unfair Game The Evolution of Cricket, ep 97 of The Seen and the Unseen A way to analyse historical ODI games through data Karthik’s YouTube channel with limited analysis of ODI and T20 games Puliyabaazi is on these platforms: Twitter: https://twitter.com/puliyabaazi Facebook: https://www.facebook.com/puliyabaazi Instagram: https://www.instagram.com/puliyabaazi/ Subscribe & listen to the podcast on iTunes , Google Podcasts , Castbox ,YouTube or any other podcast app. You can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: https://ivm.today/android or iOS: https://ivm.today/ios, or any other podcast app. You can check out our website at http://www.ivmpodcasts.com/
Ep. 30: लश्कर-ए-तय्यबा: कब, क्यूँ, और कैसे
26 नवंबर 2008, मुंबई की दर्दनाक तस्वीरें आज भी दिल दहला देती हैं | इस हमले को अंजाम दिया था पाकिस्तान सेना के पसंदीदा आतंकवादी गुट - लश्कर-ए-तैयबा ने | इस हादसे के 11 साल बाद भी, हम कम ही जानते है कि यह संगठन शुरू कैसे हुआ, किस मक़सद से हुआ, और इसके हथकंडे क्या है | तो हमने की पुलियाबाज़ी प्रॉफ़ेसर क्रिस्टीन फेयर से, जिन्होंने हाल ही में इस संगठन पर एक किताब ‘In Their Own Words: Understanding the Lashkar-e-Tayyaba’ लिखी है | फेयर जार्जटाउन यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रॉफेसर है और पाकिस्तान सेना पर किये गए अपने उल्लेखनीय शोधकार्य के लिए जानी जाती है | उनसे हमने इस आतंकवादी गुट एक संगठन के रूप में समझने के लिए यह सवाल सामने रखे: In this episode, we explore one of the most important nodes of the Pakistani military-jihadi complex: the Lashkar-e-Tayyaba (LeT). Our guest for this episode is Prof Christine Fair, a renowned voice on Pakistan security issues. In her latest book In Their Own Words: Understanding the Lashkar-e-Tayyaba, Dr Fair reveals finer details about LeT using publications produced and disseminated by Dar-ul-Andlus, the publishing wing of LeT. In this Puliyabaazi, we investigate LeT using organisation theory. What are their vision and mission statements? What keeps them together? How do they recruit employees? Who are their shareholders? And finally, what will it take to end this organisation? Listen in for an in-depth discussion on these questions. सुनिए और बताइये कैसा लगा यह एपिसोड आपको | If you have any comments or questions please write to us at puliyabaazi@gmail.com Follow us on: Twitter: https://twitter.com/puliyabaazi Facebook: https://www.facebook.com/puliyabaazi Instagram: https://www.instagram.com/puliyabaazi/ Subscribe & listen to the podcast on iTunes, Google Podcasts, Castbox, AudioBoom, YouTube or any other podcast app.
Ep. 31: स्वतंत्र भारत में मतदान की कहानियाँ
2019 के लोकसभा चुनाव नज़दीक आ रहे है | अगले कुछ महीनों में हर नुक्कड़-गली में “कौन बनेगा प्रधानमंत्री” इसी विषय पर वाद-विवाद होगा | तो पुलियाबाज़ी में हमने इस प्रश्न से हटकर मतदान प्रक्रिया को समझने का प्रयास किया | इस पुलियाबाज़ी में हमारे गेस्ट है श्री अलोक शुक्ला जो २००९ और २०१४ के बीच भारत के डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर रह चुके हैं | उनकी नयी किताब Electronic Voting Machines: The True Story इवीएम पर लग रही आलोचनाओं का मुँहतोड़ जवाब देती है | इस पुलियाबाज़ी में हमने उनके सामने यह सवाल रखे: संसद चुनाव के लिए प्रक्रिया कब और कैसे शुरू होती है ? चुनाव आयोग एक स्वतन्त्र संवैधानिक संस्था है - इस संरचना का ECI अफसरों पर आपके मुताबिक क्या फ़र्क पड़ता है? क्या सब पार्टियाँ चुनाव आयोग के पास चुगली करने आती रहती है? EVM के आने से पहले क्या तकलीफें होती थी चुनाव करवाने में ? EVM का आईडिया कब पहले आया? क्या क्या विरोध रहे है EVM के ख़िलाफ़? EVM और राजनैतिक दलों का रिश्ता कैसा रहा है? EVM की छवि सुधारने के लिए ECI को क्या करना चाहिए? In the 1971 General Elections, it was alleged that ballot papers were tampered using vanishing and reappearing ink such that the vote stamp miraculously disappeared from another candidate and reappeared against the Congress candidate instead. This is not different from today when political parties blame the Electronic Voting Machine for their losses. So in this episode, we investigate the Indian electoral process and the EVM itself. To help us understand this better, we are joined by Dr Alok Shukla who served as Deputy Election Commissioner between 2009 and 2014. Dr Shukla has served as an international observer for elections in several countries and has been decorated with the Prime Minister’s Award for Excellence in Administration in 2010. His latest book Electronic Voting Machines: The True Story is an authoritative account on electronic voting machines. सुनिए और बताइये कैसा लगा यह एपिसोड आपको और निश्चिंत होकर अपने उम्मीदवार को चुनिए २०१९ लोकसभा मतदान में | If you have any comments or questions please write to us at puliyabaazi@gmail.com Follow us on: Twitter: https://twitter.com/puliyabaazi Facebook: https://www.facebook.com/puliyabaazi Instagram: https://www.instagram.com/puliyabaazi/ Subscribe & listen to the podcast on iTunes, Google Podcasts, Castbox, AudioBoom, YouTube or any other podcast app. You can listen to this show and other awesome shows on the new and improved IVM Podcast App on Android: https://ivm.today/android or iOS: https://ivm.today/ios
Ep. 26: भाग रॉकेट भाग: भारत के अंतरिक्ष प्रोग्राम की कहानी
अंतरिक्ष खोजने की चाह हज़ारों साल पुरानी है। लेकिन अंतरिक्ष तक पहुंचने की क्षमता केवल सत्तर साल पुरानी है। और भारत उन चुनिंदा देशों में से है जिसने इस खोज में कई झंडे गाढ़े है। तो इस बार पुलियाबाज़ी में हमने भारत के अंतरिक्ष प्रोग्राम पर खुलकर चर्चा की पवन श्रीनाथ से, जो इस विषय पर काफ़ी सालों से शोधकार्य कर रहे हैं। पवन तक्षशिला संस्थान में फेलो है और थले-हरटे (कन्नड) और प्रगति (अंग्रेज़ी) पॉडकास्ट के होस्ट है। हमने इन सवालों पर बातें की इस एपिसोड में: 1. एक ग़रीब देश के अंतरिक्ष प्रोग्राम को स्थापित करने की सोच कहाँ से शुरू हुई? 2. किस तरह यह प्रोग्राम दिल्ली से दूर कई राज्यों में वितरित रहा। 3. उपग्रह और लॉन्च वेहिकल - इन दोनों घटकों पर इसरो का प्रदर्शन कैसा रहा है ? 4. SpaceX जैसी निजी संस्थाओं ने इसरो के सामने क्या चुनौतियाँ रखी हैं? सुनिए और बताइये कैसा लगा आपको @puliyabaazi या फिर puliyabaazi@gmail.comपर। In this episode of Puliyabaazi we take a close look at India's space programme with Pavan Srinath, fellow and faculty at the Takshashila Institution and a host of Thale-Harate and Pragati podcasts. We discussed the impact that space research has for an aspirational society and why the argument 'poor nations shouldn't spend on luxuries like space exploration’ makes little logical sense. We then move on to discuss the beginnings of India's tryst with space. Pavan then takes us through the two components of the space programme - satellites and launch vehicles. Do let us know in puliyabaazi@gmail.com if you have any thoughts to share.
Ep. 25: परदेसी परदेसी जाना नहीं
‘मेरे पिया गए रंगून, वहाँ से किया है टेलीफून” याद आया न यह गाना? लेकिन आपने सोचा कि इनके पिया आख़िर क्यों और कैसे रंगून पहुंचे? आम धारणा यह है कि भारत में अक़्सर लोग जिस गाँव में जन्म लेते थे, उसी में पूरा जीवन व्यतीत कर देते थे | लेकिन हमारे इस एपिसोड के सह-पुलियाबाज़ चिन्मय तुम्बे बताते है कि भारत का प्रवास याने कि migration के साथ अटूट रिश्ता है | चिन्मय १० साल से migration पर शोध कर रहे है और उन्होंने अपनी किताब India Moving: A History of Migration में भारतीय समाज और migration के कई अनोखे किस्सों का अध्ययन किया है | आपको ज़रूर मज़ा आएगा यह एपिसोड सुनकर! Everyone of us has a migration story. And yet the term migrant often becomes problematic. So in this week’s Puliyabaazi, we spoke to Chinmay Tumbe, a scholar of Indian migrations and author of the magisterial India Moving: A History of Migration. We discussed Indian communities that are prolific at migration. We also discussed if there is anything like a ‘good migrant’.
Ep. 12: चीन, एक खोज - भाग 2
कहने के लिए तो चीन हमारा पडोसी देश है पर वास्तव में हम चीन के बारे में बहुत कम जानते है | इस जानकारी के अभाव के कारण हम लोग या तो हम चीन की तरक्की से मंत्रमुग्ध हो जाते है या फिर उसे एक जानी दुश्मन का दर्जा दे देते है | यह दोनों दृष्टिकोण हमें चीन की असलियत से और दूर ले जाते है | तो चीन को कुछ गहराई से समझने के लिए हमने बात की मनोज केवलरमानी से, जो तक्षशिला इंस्टीटूशन में भारत-चीन संबंधों पर काम करते है | उनका साप्ताहिक न्यूज़लेटर Eye on China (https://www.thinkpragati.com/category/world/china/) चीन की घरेलु नीतियों पर प्रकाश डालता है | यह चीन एक खोज का दूसरा भाग है | भाग 1 में हमने बातें की थी चीन के बीसवें सदी के इतिहास और समाज पर | इस भाग में सुनिए पुलियाबाज़ी चीन के तत्कालीन नज़रिये अर्थव्यवस्था, विदेश नीति, और टेक्नोलॉजी पर | अगर आपको यह शो पसंद आया तो ऐसे अन्य शो सुनने के लिए IVM Podcast App डाउनलोड कीजिये एंड्राइड: https://goo.gl/tGYdU1 और iOS: https://goo.gl/sZSTU5 पर
Ep. 51: इस्लामिक स्टेट की हार
The Islamic State of Iraq and Syria finally met its demise with the death of Abu Bakr al-Baghdadi on October 26th. So in this episode of Puliyabaazi we take a look at ISIS, its recruitment methods, its use of technology, and its bureaucracy. We also discuss cases in the Indian sub-continent that claimed links with the ISIS. Joining us for this conversation is Kabir Taneja, a Fellow with the Observer Research Foundation (ORF). Kabir’s new book ' ‘The ISIS Peril The World’s Most Feared Terror Group and Its Shadow on South Asia’ explores' the psychology of jihadists on various narratives from Kashmir to Kerala, the Islamic State's online propaganda strategies by way of Twitter, Facebook and Telegram, leading to the radicalization and subsequent recruitment of the youth, to the Holey Bakery attack in Bangladesh in 2016 and the Easter weekend bombings in Sri Lanka in 2019. २६ अक्टूबर को अबू बक्र अल-बग़दादी की मौत के साथ आईएसआईएस की दरिंदगी का एक अध्याय का भी अंत हो गया | इस घिनौने आतंकी संगठन की करतूतों से तो हम सब वाक़िफ़ है पर इसके ढाँचे के बार में हम कम ही जानते है | मसलन, इस्लामिक स्टेट की आमदनी के स्त्रोत और नए आतंकियों को बहलाने-फुसलाने के तरीकों के बारे में जानना ज़रूरी है ऐसे संगठनो का जड़ से ख़ात्मा करने के लिए | तो इसी विषय पर चर्चा कबीर तनेजा के साथ, जिनकी नई क़िताब ‘The ISIS Peril' इस गुट की भारतीय उपमहाद्वीप में गतिविधियों पर रोशनी डालती है| For further reading: - The ISIS Peril: The World’s Most Feared Terror Group and Its Shadow on South Asia, Kabir Taneja इस्लामिक स्टेट का खात्मा, ISIS का नहीं, Kabir Taneja ISIS Files , George Washington University Inside ISIS - Interview with Rukmini Callimachi, The Irish Times World View Podcast Puliyabaazi is on these platforms: Twitter: https://twitter.com/puliyabaazi Facebook: https://www.facebook.com/puliyabaazi  Instagram: https://www.instagram.com/puliyabaazi/  Subscribe & listen to the podcast on iTunes  , Google Podcasts, Castbox , AudioBoom  , YouTube  or any other podcast app.
Ep. 44: दास्ताँ-ए-बलोचिस्तान
बलोचिस्तान आजकल भारत में एक बहुचर्चित विषय हो गया है | प्रधानमंत्री मोदी ने तीन साल पहले अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में इसका उल्लेख किया | इससे पहले पाकिस्तान ने भारत के एक नागरिक कुलभूषण जाधव को ईरान से कब्ज़े में ले लिया और आरोप लगाया कि भारत की ख़ुफ़िया एजेंसी R&AW बलोचिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है | तो इस बार की पुलियाबाज़ी बलोचिस्तान पर तिलक देवाशर के साथ | देवाशर जी Pakistan: The Balochistan Conundrum के लेखक है और पाकिस्तान मामलों पर पिछले चार दशकों से काम कर रहे है | उनसे हमने चर्चा की इन सवालों पर: बलोचिस्तान के बारे में सबसे पहले तो यह समझना ज़रूरी है कि आज यह तीन देशों में विभाजित है - यह कैसे हुआ? रही बात सिर्फ़ पाकिस्तानी बलोचिस्तान की तो उसमें भी कई भाषायें, कई जनजातियाँ, कई धर्म है | इसकी क्या कहानी है? क्या इन जनजातियों की भिन्नता के बीच “बलोच एक क़ौम” की भावना आज कमज़ोर हुई है या पहले से और मज़बूत? आज़ादी के वक़्त कलात रियासत का अंग्रेज़ों के साथ क्या arrangement था? ११ अगस्त को कलात किस तरह आज़ाद हुआ और फिर पाकिस्तान का हिस्सा बन गया? पाकिस्तानी बलोचिस्तान की पाकिस्तानी राष्ट्र से आज की तारीख़ में क्या शिकायत है? बलोचिस्तान में पाँचवी बग़ावत चल रही है। हर नयी बग़ावत पिछली बग़ावत से ज़्यादा व्यापक और प्रभावशाली रही है। ऐसा क्यों? आज एक बड़ा मामला है गुमशुदगी का - कई बलोच कार्यकर्ता गुमशुदा हो जाते है एकाएक। यह मानवाधिकार उल्लंघन कैसे और क्यों लगातार जारी है? बलोचिस्तान और कश्मीर में चल रही insurgency में क्या मूलभूत समानताएँ है और क्या मूलभूत फ़र्क़ है? पाकिस्तान की तरफ़ से हमेशा कहा जाता है कि भारत बलोचिस्तान में अस्थिरता का एक बड़ा कारण है। इसमें कितनी सच्चाई है? In this week’s episode, we discuss the political history, present, and future of Balochistan. The Baloch people are spread across three modern nation-states - a handiwork of the British rule. In two of them - Iran and Pakistan - they are an oppressed minority. Pakistani Balochistan itself occupies 44 per cent of Pakistan’s area but accounts for less than 5 per cent of its population. Politically, the idea of the Baloch nation has been at loggerheads with the idea of Pakistan even before the latter’s independence. That struggle continues to this day. What are the roots of this insurgency and what is its likely future? Tilak Devasher, a former R&AW senior official and author of Pakistan: The Balochistan Conundrum joins us in this Puliyabaazi to uncover the politics of Balochistan and its troublesome relationship with the Pakistani State. Reading List: Pakistan: The Balochistan Conundrum, Tilak Devasher A slice of south India in Balochistan, Karthik Venkatesh, Livemint Pakistan: Courting the Abyss, Tilak Devasher Balochistan versus Pakistan, Aasim Sajjad Akhtar, EPW Puliyabaazi is on these platforms: Twitter: https://twitter.com/puliyabaazi Facebook: https://www.facebook.com/puliyabaazi Instagram: https://www.instagram.com/puliyabaazi/ Subscribe & listen to the podcast on iTunes , Google Podcasts , Castbox , AudioBoom  or any other podcast app.
Ep. 41: सेमीकंडक्टर दंगल: अमरीका, चीन और सिकिया पहलवान भारत
The semiconductor microchip is perhaps the greatest modern-day innovation breakthrough. It made radios, TVs, computers, and phones happen. Today, a processor microchip has billions of components and is created using a complex supply chain involving thousands of specialised companies cutting across the globe. This trade network with nodes spread all across the world worked seamlessly at most times. Until now that is. Within the last two years, the technological domain has become one of the key battlegrounds of the ongoing geopolitical tussle between the US and China. The US has chosen to use the choke points in the semiconductor manufacturing process to constrain China’s technological growth. Given that this conflict is strategic and not economic, semiconpolitics is here to stay. So in this episode, we deep-dive into the geopolitics of semiconductors. Our guest is Anup Rajput, an engineer par excellence who has worked in the semiconductor industry and currently heads engineering functions at an AI start-up, Inkers Technology Pvt Ltd. In this episode, we discuss: Supply chains of semiconductor chips Why has semiconductor manufacturing become such a contentious topic now? What is the progress China has made on semiconductor manufacturing? How will the geopolitics between China and the US play out? What are the opportunities for India in the semiconductor manufacturing space? सेमीकंडक्टर माइक्रोचिप आधुनिक काल के सबसे क्रांतिकारी अविष्कारों में से एक है | इसके बिना हम कॅल्क्युलेटर, कंप्यूटर, मोबाइल फ़ोन, यह पॉडकास्ट - कुछ भी नहीं बना पाते | वैसे तो माइक्रोचिप का उत्पादन एक गहरा तकनीकी विषय है पर आज इसका प्रयोग एक राजनैतिक अस्त्र के रूप में हो रहा है | अमरीका नहीं चाहता कि चीन उसके वर्चस्व को चुनौती दे और इसी प्रतिस्पर्धा में सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी एक महत्वपूर्ण रोल अदा कर रही है | तो हमने इसी विषय पर पुलियाबाज़ी की अनूप राजपूत से - जो की इस क्षेत्र में पिछले एक दशक से काम कर रहे है| अनूप आजकल एक आर्टिफिशल इंटेलिजेंस स्टार्टअप कम्पनी में इंजीनियरिंग प्रमुख है| हमने की चर्चा इन विषयों पर: सेमीकंडक्टर क्या होता है? इसके उत्पादन की सप्लाई चैन किस तरह पूरे विश्व में फैली है | क्यों इस उत्पादक क्षमता का प्रयोग एक राजनैतिक अस्त्र के रूप में हो रहा है? भारत की इस क्षेत्र में क्या क्षमताएँ है? क्या भारत सेमीकंडक्टर जगत का नया हीरो बन सकता है? Also check out: The semiconductor industry and the power of globalisation, The Economist The decline of computers as a general purpose technology, Thompson and Spanuth, SSRN The technology industry is rife with bottlenecks, The Economist Long-term success of fabs hinges on government policy, Joji Thomas Philip, Mint American Chipmakers Had a Toxic Problem. Then They Outsourced It, Bloomberg Puliyabaazi is on these platforms: Twitter: https://twitter.com/puliyabaazi Facebook: https://www.facebook.com/puliyabaazi Instagram: https://www.instagram.com/puliyabaazi/ Subscribe & listen to the podcast on iTunes, Google Podcasts, Castbox, AudioBoom, YouTube or any other podcast app.
Ep. 33: बुंदेलखंड से उठती खबरों की एक लहर
इस बार की पुलियाबाज़ी भारत के एकमात्र ग्रामीण, नारीवादी न्यूज़ चैनल - ख़बर लहरिया - के साथ | २००२ में स्थापित हुआ यह नेटवर्क अपनी बेबाक रिपोर्टिंग के लिए मशहूर है | तो हमने पुलियाबाज़ी की दिशा मलिक (मैनेजिंग डायरेक्टर) और कविता देवी (डिजिटल हेड) के साथ | पहले हमने बात की खबर लहरिया की सफलताएँ और चुनौतियाँ के बारे में | फ़िर हमने समझने की कोशिश की उत्तर प्रदेश के पिछड़े इलाक़े - बुंदेलखंड - को, ख़बर लहरिया के दृष्टिकोण से | This episode of Puliyabaazi is on India’s only women-run rural media network - Khabar Lahariya. Employing women from Dalit, tribal, Muslim and backward castes, the network has won several national and global awards for their pioneering rural journalism. We spoke to Disha Mullick, Managing Director and Kavita Devi, Digital Head from the Khabar Lahariya team about: How did Khabar Lahariya start? What have been some stages in KL’s development since it came into being in 2002? What challenges do KL’s women reporters face while investigating issues in a patriarchal society? How is rural Bundelkhand like? What are some changes that KL has noticed in governance over the years? सुनिए और बताइये कैसा लगा यह एपिसोड आपको| If you have any comments or questions please write to us at puliyabaazi@gmail.com Follow us on: Twitter: https://twitter.com/puliyabaazi Facebook: https://www.facebook.com/puliyabaazi Instagram: https://www.instagram.com/puliyabaazi/ Subscribe & listen to the podcast on iTunes, Google Podcasts, Castbox, AudioBoom, YouTube or any other podcast app.
Ep. 27: एक नई विश्व व्यवस्था के लिए भारत कैसे तैयारी करे?
विश्व व्यवस्था के घटनाक्रम में हाल ही तीव्रता से बदलाव हुए हैं। अमरीका और चीन के बीच में 1971 से शुरू हुआ तालमेल का सिलसिला आज एक शीत युद्ध में तब्दील हो गया है। बदलते समीकरणों के चलते अगले २५ सालों में भारत को क्या कदम उठाने चाहिए, इस विषय पर है हमारी इस हफ़्ते की पुलियाबाज़ी | इस पुलियाबाज़ी में सौरभ और प्रणय ने इन सवालों पर चर्चा की: १. “विश्व-व्यवस्था” शब्द का अर्थ क्या है? २. ऐतिहासिक तौर पर किस प्रकार की विश्व-व्यवस्थाएं रह चुकी है? ३. अमरीका और चीन के मनमुटाव के चलते भारत पर इसका क्या असर पड़ेगा? ४. विश्व-व्यवस्था में आख़िर बदलाव अब क्यों आ रहा है? ५. क्या चीन अमरीका को विश्व के सबसे ताक़तवर देश के रूप में विस्थापित कर सकता है? सुनिए और कहिए कैसा लगा आपको @puliyabaazi या फिर puliyabaazi@gmail.com पर। It’s nearly impossible to read a book on geopolitics today without the mention of the phrase A New World Order. Many claims of this New World Order narrative need deeper investigation, starting from these questions: what constitutes a world order? How was the US able to reach this position of a world leader after the World War II? What are the odds that China will replicate this feat? And finally, in what ways can India shape the world order? These are the questions we tackle in this week’s episode. Recommended reading and listening on this topic: Takshashila Discussion Document on ‘India’s Strategies for a New World Order’ Pranay Kotasthane on ‘Ingredients of a New World Order’ The Pragati Podcast episode on ‘A New Brave World Order’ Opinion piece in Rajasthan Patrika ‘भारत कैसे तैयारी करें नयी विश्व-व्यवस्था से निपटने के लिए’ If you have any comments or questions please write to us at puliyabaazi@gmail.com Follow us on twitter: https://twitter.com/puliyabaazi Follow Puliyabaazi on Facebook: https://www.facebook.com/puliyabaazi/
Ep. 45: पूर्वोत्तर भारत - अंदर कौन और बाहर कौन?
The National Registry of Citizens (NRC) has been in the national news recently. So in this episode, we take a step back to understand the causes and dynamics of insider-outsider tensions in North-East India. Joining us is author and journalist Samrat, who has co-edited a book with Preeti Gill on this topic, titled Insider-Outsider: Belonging and Unbelonging in North-East India. Puliyabaazi is on these platforms: Twitter: https://twitter.com/puliyabaazi Facebook: https://www.facebook.com/puliyabaazi Instagram: https://www.instagram.com/puliyabaazi/ Subscribe & listen to the podcast on iTunes, Google Podcasts, Castbox, AudioBoom, YouTube or any other podcast app.
Ep. 46: रॉकेट रॉकेट
The events surrounding Chandrayaan-2’s landing attempt captured India’s imagination earlier this month. This also gave us a reason to talk about Space on Puliyabaazi again. In our previous episode on space, we discussed the story of ISRO. In this episode, we explore the world of rocketry — the enabling technology for space exploration. Joining us in this conversation is Divyanshu Poddar, co-founder of Rocketeers — India’s first solid fuel-powered model rocket kit manufacturer. Some themes that came up during our conversation: What is the economics of rockets? What is qualitatively different about a rocket that takes us to Low-earth orbit, Geostationary orbit, Moon, and Mars What is the economic potential of space? What has changed now that startups can do rockets instead of nation-states? अंतरिक्ष में अनुसंधान का नाम लेते ही ISRO का ही नाम ध्यान में आता है लेकिन भारत में अब कई कंपनिया उपग्रह, रॉकेट, इमेजिंग इत्यादि पर उम्दा काम कर रही हैं | तो इस बार हमने बात की उनमें से एक कंपनी रॉकेटियर्स के दिव्यांशु पोद्दार से, रॉकेट जगत के बारे में | रॉकेट कैसे बनाए जाते हैं?, किस प्रकार के होते हैं?, रॉकेट टेक्नोलॉजी का भविष्य क्या है? - अगर आप इन सवाल में रूचि रखते हैं तो यह एपिसोड ज़रूर सुने | Puliyabaazi is on these platforms: Twitter: https://twitter.com/puliyabaazi Facebook: https://www.facebook.com/puliyabaazi Instagram: https://www.instagram.com/puliyabaazi/ Subscribe & listen to the podcast on iTunes, Google Podcasts, Castbox, AudioBoom, YouTube or any other podcast app.
Ep. 19: संसद के अंदर
भारतीय लोकतंत्र में एक सांसद का रोल क्या है? हमारी पार्लियामेंट और राज्य विधान सभाओं को और प्रभावशाली कैसे बनाया जाए? हमें सांसदों के बढ़ते वेतनभत्ते से कितना चिंतित होना चाहिए? इन सब सवालों के दिलचस्प जवाब सुनिए संसदीय मामलों के विशेषज्ञ चक्षु रॉय के साथ चली हमारी पुलियाबाज़ी में। चक्षु PRS Legislative Research संस्था में विधायकी और नागरिक रिश्तों की पहल संभालते है। अगर आपको यह शो पसंद आया तो ऐसे अन्य शो सुनने के लिए IVM Podcast App डाउनलोड कीजिये एंड्राइड: https://goo.gl/tGYdU1 और iOS: https://goo.gl/sZSTU5 पर
Ep. 18: तूफ़ान-ए-तुर्क में रूपया बेहाल
आर्थिक जगत में मुद्रा युद्ध की हवा चल रही है | टर्की और अमरीका के बीच शुरू हुई यह आंधी भारत तक पहुँची कैसे? भारतीय सरकार और रिज़र्व बैंक रुपये में आयी गिरावट से उभरने के लिए कितने सक्षम है ? जानिए हमारी नारायण रामचंद्रन के साथ चली इस पुलियाबाज़ी में | नारायण एक इन्वेस्टर, लेखक, और तक्षशिला इंस्टीटूशन में सीनियर फेलो हैं | इससे पहले नारायण मॉर्गन स्टैनली इंडिया के प्रमुख और RBL बैंक के ग़ैर-कार्यकारी अध्यक्ष रह चुके है | अगर आपको यह शो पसंद आया तो ऐसे अन्य शो सुनने के लिए IVM Podcast App डाउनलोड कीजिये एंड्राइड: https://goo.gl/tGYdU1 और iOS: https://goo.gl/sZSTU5 पर
Ep.13: जो मेरा है, क्या वो सच में मेरा है?
Property Rights का भारत में एक पेचीदा इतिहास है | यह एक ऐसा अधिकार है जिसके बिना बाक़ी सारे संवैधानिक अधिकार बेअसर हो जाते है | इसके बावजूद हमने बार-बार प्रॉपर्टी पर अधिकार को बलि पर चढ़ाया है, जिसका खामियाज़ा हम आज तक भुगत रहे है | तो इस बार की पुलियाबाज़ी, प्रॉपर्टी के अधिकार पर | इस विषय को सुलझाने के लिए हमने बात की श्रुति राजगोपालन से, जो स्टेट यूनिवर्सिटी न्यूयॉर्क में अर्थशास्त्र पढ़ाती हैं और क्लासिकल लिबरल इंस्टिट्यूट में फ़ेलो हैं | श्रुति के इस विषय पर पढ़िए विचार प्रगति में | (https://www.thinkpragati.com/tag/the-right-to-property/)
Ep. 43: बौद्धिक सम्पदा: पेटेंट, कॉपीराइट, और ट्रेड सीक्रेट की कहानी
बौद्धिक सम्पदा: पेटेंट, कॉपीराइट, और ट्रेड सीक्रेट की कहानी कोका कोला के ट्रेड सीक्रेस्ट फॉर्मूले की कहानियाँ तो सभी ने सुनी है | पर यह कॉपीराइट, पेटेंट, और ट्रेड सीक्रेट आख़िर है क्या? बौद्धिक सम्पदा (Intellectual Property) के अधिकार के यह सभी साधन एक अर्थव्यवस्था के लिए क्या फ़ायदे-नुक़सान लाते हैं? इसी विषय पर सुनिए अगली पुलियाबाज़ी मिहिर महाजन के साथ जो पेटेंट नीति विशेषज्ञ है | कुछ सवाल जिनपर हमारी चर्चा हुई: इंसानी रचनात्मकता की चीज़ें को कैसे प्रॉपर्टी में वर्गीकृत किया जाए? बौद्धिक प्रॉपर्टी पर अधिकार और किसी ठोस प्रॉपर्टी पर अधिकार के बीच क्या अंतर है? Intellectual प्रॉपर्टी में रचयिता को एकाधिकार (monopoly) क्यों दिया जाता है? एकाधिकार की बात विवाद का कारण बन जाती है। एकाधिकार का होना तो एक मार्केट failure होता है। यह तनाव क्यों? आज के दौर में IP की आम परिभाषा ही कुछ डगमगा रही है। ऐसा क्यों? भारत के IP नियम पहले कमज़ोर थे। उसकी वजह से हमको क्या नुक़सान हुए है? इस टूटे ढाँचे को ठीक कैसे किया जाए? One of the issues in the ongoing US-China trade conflict is rampant intellectual property theft by China. This term — intellectual property rights — is one of those which we often hear about but know very little about. Why are such rights important? How do citizens benefit from a sound intellectual property regime? Are anti-trust laws and patent regulations antagonistic to each other? We discuss this and more in a detailed conversation with Mihir Mahajan, a patent strategy expert. Puliyabaazi is on these platforms: Twitter: https://twitter.com/puliyabaazi Facebook: https://www.facebook.com/puliyabaazi Instagram: https://www.instagram.com/puliyabaazi/ Subscribe & listen to the podcast on iTunes, Google Podcasts, Castbox, AudioBoom, YouTube or any other podcast app.
Ep. 35: ख़ुफ़िया बातें
जासूसी एक ऐसा पेशा है जिसके बारे में न सिर्फ हम कम जानते है बल्कि अक़्सर सरासर ग़लत भी जानते है | फिल्मों में इस पेशे को इस तरह दर्शाया जाता है कि इंटेलिजेंस अफ़सर कई दिव्य शक्तियों के मालिक लगने लगते है | तो इस बार की पुलियाबाज़ी एक असली इंटेलिजेंस अफ़सर के साथ इस पेशे के बारे में | हमने बात की भारत की ख़ुफ़िया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (R&AW) के भूतपूर्व प्रमुख विक्रम सूद के साथ | यह चर्चा सूद जी की बेहतरीन किताब ‘The Unending Game: A Former R&AW Chief’s Insights into Espionage’ पर आधारित है | चर्चा में उठे कुछ सवाल: इंटेलिजेंस एजेंसी चार प्रकार के काम करती है - collection, analysis, dissemination, और operation| इन चारों को करने के लिए क्या ख़ूबियाँ चाहिए एक अफ़सर में? एक ख़ुफ़िया(covert) ऑपरेशन का मतलब क्या होता है? स्पेशल ऑपरेशन क्या होता है? भारत में ही नहीं पर पूरे विश्व में TECHINT की एक लहर आयी थी लेकिन अब CIA भी मानती है कि HUMINT को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता भले ही टेक्नोलॉजी कितनी ही अच्छी क्यों न हो जाए| ऐसा क्यों?   4."इंटेलिजेंस failure" होता क्या है? आज ख़ुफ़िया एजेंसियों का ध्यान आतंकवाद पर केंद्रित रहता है | इसका एक इंटेलिजेंस एजेंसी पर क्या असर पड़ता है? ३० साल बाद की इंटेलिजेंस एजेंसी को क्या क्या करना होगा? इंटेलिजेंस एजेंसियों में सुधार कहाँ से शुरू किया जाए? Intelligence is one of the oldest professions known. Even the Arthashastra describes in detail the various methods of using spying as a tool of statecraft. And yet, enamoured by glorified portrayals of intelligence agencies on-screen, our knowledge about this discipline has many gaps. So in this episode we spoke to Mr Vikram Sood about the state of the profession today and the challenges faced by intelligence officers. Mr Sood headed India’s premier intelligence agency R&AW between 2000 and 2003. His book The Unending Game: A Former R&AW Chief’s Insights into Espionage is an excellent guide for understanding intelligence and espionage. During the course of this conversation, we discussed: How does the working of an external intelligence agency differ from that of an internal security service like IB, MI5 etc? What does the term ‘covert operation’ mean? How is a special operation different from a covert one? How important is the human element in the intelligence cycle? Can technology replace humans here? What is meant by an intelligence failure? What should be the essential elements of reforming intelligence agencies? Listen in! Twitter: https://twitter.com/puliyabaazi Facebook: https://www.facebook.com/puliyabaazi Instagram: https://www.instagram.com/puliyabaazi/ Subscribe & listen to the podcast on iTunes, Google Podcasts, Castbox, AudioBoom, YouTube or any other podcast app.
Ep. 16: आज़ाद भारत का रिपोर्ट कार्ड
पुलियाबाज़ी के इस Independence Day Special अंक में प्रस्तुत है हमारे दृष्टिकोण से आज़ादी का लेखा-जोखा | कौनसी चुनौतियों को हमने हराया है और कौन सी मुश्किलों से हम आज भी जूझ रहे है, इन प्रश्नों पर सुनिए एक चर्चा | अगर आपको यह शो पसंद आया तो ऐसे अन्य शो सुनने के लिए IVM Podcast App डाउनलोड कीजिये एंड्राइड: https://goo.gl/tGYdU1 और iOS: https://goo.gl/sZSTU5 पर
Ep. 03: Budget बेवफा!
बजट पर इतना बावलापन क्यों? अगर आप बजट बनाते तो क्या नया करते? सुनिये कुछ विचार पुलियाबाज़ी के इस एपिसोड में। * What is there left to say about the budget? Plenty, as you will find out when you hear Pranay Kotasthane and Saurabh Chandra go at it in episode 3 of PuliyaBaazi You can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcast App on Android: https://goo.gl/tGYdU1 or iOS: https://goo.gl/sZSTU5 You can check out our website at http://www.ivmpodcasts.com/
Ep. 02: ये Republic क्या बला है?
What does it mean to be a Republic? Pranay Kotasthane and Saurabh Chandra discuss the nature of our constitutional republic in episode 2 of PuliyaBaazi. You can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcast App on Android: https://goo.gl/tGYdU1 or iOS: https://goo.gl/sZSTU5 You can check out our website at http://www.ivmpodcasts.com/
Rate Podcast
Recommend This Podcast
Recommendation sent
Followers
2

Join Podchaser to...

  • Rate podcasts and episodes
  • Follow podcasts and creators
  • Create podcast and episode lists
  • & much more
Podcast Details
Started
May 3rd, 2018
Latest Episode
Jan 23rd, 2020
Release Period
Weekly
No. of Episodes
56
Avg. Episode Length
About 1 hour
Explicit
No

Podcast Tags

Do you host or manage this podcast?
Claim and edit this page to your liking.
Are we missing an episode or update?
Use this to check the RSS feed immediately.
y