Kalamkaar Prateek
Rashmirathi - Recited by Kalamkaar Prateekकर्ण की वेदना, उसका गौरव, उसका दान और उसका मौन..यह केवल पाठ नहीं, आत्मा की आवाज़ है।
इस श्रृंखला में मैं, Kalamkaar Prateek, अमर काव्य Rashmirathi को शब्दों में नहीं, अनुभूति में जीता हूँ।हर पंक्ति के साथ इतिहास का धूलभरा रणक्षेत्र जीवित होगा,और कर्ण का अंतर्मन आपकी अपनी कहानी बन जाएगा।
यदि आप कविता को सुनना नहीं, महसूस करना चाहते हैं..तो यह प्रस्तुति आपके लिए है।